स्कैन की हुई PDF को सर्चेबल कैसे बनाएं?
स्कैन की हुई PDF असल में फोटो का एक ढेर होती है। आप उसे पढ़ सकते हैं, पर आपका कंप्यूटर नहीं: सर्च कुछ नहीं ढूंढता, और टेक्स्ट सिलेक्ट करने पर पूरा पेज एक फोटो की तरह चुना जाता है। OCR हर पेज के अक्षर पहचानकर उन्हें ऐसे टेक्स्ट के रूप में रखता है जिसे कंप्यूटर समझता है।
अपनी फ़ाइल चुनें, उसमें छपी भाषाएं टिक करें और आउटपुट में सर्चेबल PDF रहने दें। हिन्दी पेज पर हिन्दी और अंग्रेज़ी पहले से चुनी रहती हैं, क्योंकि भारत के ज़्यादातर कागज़ों में दोनों होती हैं। टूल हर पेज को हाई रेज़ोल्यूशन पर बनाता है, टेक्स्ट पहचानता है और फिर असली पेज के शब्दों के ठीक ऊपर एक अदृश्य टेक्स्ट लेयर रखता है। नतीजा किसी भी PDF रीडर में खुलता है। यह आपके स्कैन जैसा ही दिखता है, पर अब सर्च, सिलेक्ट और कॉपी काम करते हैं, और कंप्यूटर की फ़ाइल सर्च भी इसे अंदर के शब्दों से ढूंढ लेती है।
जिन पेजों में पहले से असली टेक्स्ट है, जैसे स्कैन फ़ाइल में टाइप किया हुआ कवर पेज, उन्हें वैसे ही छोड़ दिया जाता है, ताकि वही शब्द दो बार न आएं।
टिप: सिर्फ़ वही भाषाएं टिक करें जो सच में डॉक्यूमेंट में हैं। हर एक्स्ट्रा भाषा पहचान को थोड़ा धीमा करती है और इंजन को गलत शब्द चुनने के ज़्यादा मौके देती है।
स्कैन PDF को टेक्स्ट में कैसे बदलें?
आउटपुट में टेक्स्ट फ़ाइल (.txt) चुनें। आपको एक सादी टेक्स्ट फ़ाइल मिलती है जिसमें हर पेज के शब्द होते हैं, और पेजों के बीच एक खाली लाइन। यह तब काम आता है जब किसी स्कैन किए लेटर से कुछ उद्धृत करना हो, किसी डॉक्यूमेंट का अनुवाद करना हो, या पुरानी रिपोर्ट के आंकड़े स्प्रेडशीट में डालने हों।
अगर लेआउट के साथ एडिट होने वाला डॉक्यूमेंट चाहिए, तो अगला कदम सर्चेबल PDF को Word में बदलना है। जो फ़ाइलें कभी स्कैन ही नहीं हुईं, जैसे Word से एक्सपोर्ट की गई PDF, उनके लिए OCR की ज़रूरत नहीं: सीधे टेक्स्ट निकालना तेज़ और सटीक है।
स्कैन और फ़ोन की फोटो पर OCR कितना सही है?
छपे हुए टेक्स्ट के साफ़, सीधे स्कैन पर पहचान आम तौर पर बहुत अच्छी होती है। देवनागरी में मात्राएं और संयुक्त अक्षर भी पहचाने जाते हैं, बशर्ते स्कैन साफ़ हो। जब इनपुट पढ़ने में मुश्किल हो, तो सटीकता गिरती है, इसलिए जानना अच्छा है कि इंजन को कहां दिक्कत होती है:
- कम रेज़ोल्यूशन। 300 DPI पर स्कैन करें। जो टेक्स्ट ज़ूम करने पर धुंधला दिखे, उसका अंदाज़ा लगाया जाएगा।
- टेढ़े या मुड़े पेज। किताब की सिलाई के पास की फोटो या तिरछा फ़ोन शॉट लाइनें पहचानने में गड़बड़ करते हैं। पहले पेज सीधा करें।
- हाथ की लिखावट। इंजन छपे अक्षरों पर ट्रेन किया गया है। हाथ से लिखा टेक्स्ट पहचानने का भरोसा न करें।
- मोहर, वॉटरमार्क और रंगीन बैकग्राउंड। इनके ऊपर लिखे टेक्स्ट को बैकग्राउंड से अलग करना मुश्किल होता है।
- टेबल और कई कॉलम। शब्द मिल जाते हैं, पर .txt फ़ाइल में पढ़ने का क्रम कॉलम के बीच कूद सकता है।
नतीजे पर भरोसा करने से पहले नाम, नंबर और रकम हमेशा जांच लें।
क्या गोपनीय डॉक्यूमेंट का ऑनलाइन OCR सुरक्षित है?
यहां है, क्योंकि डॉक्यूमेंट कभी अपलोड नहीं होता। ज़्यादातर ऑनलाइन OCR सर्विस आपकी फ़ाइल सर्वर पर भेजती हैं, वहीं पहचान करती हैं और कुछ समय तक कॉपी रखती हैं। यह पेज इसकी जगह पहचान का इंजन और भाषा डेटा आपके ब्राउज़र में डाउनलोड करता है, और पूरा काम आपके अपने फ़ोन या कंप्यूटर पर होता है।
आप जांच सकते हैं: OCR चलाते समय ब्राउज़र के डेवलपर टूल में Network टैब खोलें। पहली बार इंजन की फ़ाइलें आती दिखेंगी, पर आपकी PDF कहीं नहीं जाती। यह उन कागज़ों के लिए मायने रखता है जिन्हें लोग अक्सर स्कैन करते हैं: Aadhaar और PAN कार्ड, ITR, बैंक स्टेटमेंट, मेडिकल लेटर और साइन किए एग्रीमेंट।
कौन सी भाषाएं पहचानी जाती हैं?
सत्रह भाषाएं उपलब्ध हैं (लिस्ट टूल में देखें), और मिली-जुली भाषा वाले डॉक्यूमेंट के लिए आप कई टिक कर सकते हैं, जैसे हिन्दी और अंग्रेज़ी में छपा सरकारी नोटिस या अंग्रेज़ी क्लॉज़ वाला हिन्दी एग्रीमेंट। मॉडल Tesseract के भाषा डेटा के सटीक “best” वर्ज़न हैं, छोटे इंटीजर फ़ॉर्मैट में पैक किए गए, ताकि वे जल्दी डाउनलोड हों और सटीक रहें।